भगवान् परशुराम
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भगवान् परशुराम
आरती भगवान् परशुराम (भृगुनन्दन) जी की
आरती भृगुनन्दन की कीजै ॥टेर॥
परशुराम प्रभु नाथ जगत के,रेणु मात ललन की कीजै। आरती – – १
मेघ समान जटाएँ सिर पे, भार्गव दुःख भंजन की कीजै। आरती – -२
माथे सोहे तिलक मनोहर, कुण्डल भरे कानन की कीजै। आरती – -३
गल में माला तन मृगच्छाला,रत्नारी अँखियन की कीजै। आरती – – ४
धनुष बाण और फरसा धारे, हृदय बसे वेदन की कीजै। आरती – – ५
शंभुउपासक जन उद्धारक, धर्म कर्म पालन की कीजै। आरती – -६
ब्रह्म तेज से तपे हुए हैं, परम पुरुष पूरण की कीजै। आरती – – ७
सुख पावै जो आरती गावै,भुल्लन और चन्दन की कीजै। आरती – -८
[…] भगवान् परशुराम जी की दूसरी आरती […]